बिछड़ गए तो मौज उड़ाना | वापिस मेरे पास ना आना | Qafas Poetry | Heart Broken Poetry


बिछड़ गए तो मौज उड़ाना 

वापिस मेरे पास ना आना 

जब कोई जाकर वापिस आए 

रोए, तड़पे या पश्ताए 

मै फिर उसको मिलता नहीं हूं

साथ दोबारा चलता नहीं हूं

गुम जाता हूं खो जाता हूं

मै पत्थर का हो जाता हूं 

~ अज्ञात

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